नयाँ दिल्ली, ९ साओन (रासस/एएनआई)
भारतके केन्द्रीय शिक्षामन्त्री धर्मेन्द्र प्रधान ‘एनइइटी–युजी २०२६’के प्रश्नपत्र चुहावटसम्बन्धी विवादके कारण शैनदिन व्यापक विरोधके वाद पदसँ राजीनामा देलैन अइछ ।
विद्यार्थीसभके हितकेँ केन्द्रमे राखैत आ युवासभकेँ भ्रममे नै रहबाक लेल स्वयं केन्द्रीय मन्त्रिपरिषदसँ राजीनामा देने बताैलैन अइछ ।
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीकेँ सम्बोधन करैत लेखल राजीनामा पत्रमे ओ शिक्षा क्षेत्रसँ चाइर दशकसँ बेसी समयसँ आबद्ध रहल उल्लेख करैत सशक्त, समावेशी आ दूरदर्शी शिक्षा प्रणाली राष्ट्र निर्माणके आधार भेल उल्लेख कएने अइछ । ३ मे सञ्चालित ‘एनइइटी–युजी २०२६’ परीक्षामे अनियमितताके बाद सरकार तत्काल केन्द्रीय अनुसन्धान ब्युरो (सीबीआई) केँ अनुसन्धानके जिमेवारी देलक, परीक्षा रद्द क पुनः परीक्षा कएल गेल तथा अगिला वर्षसँ परीक्षा कम्प्युटर–आधारित परीक्षण (सिबिटी) प्रणालीमार्फत सञ्चालन करबाक निर्णय कएल उल्लेख केलैन अइछ ।
एहिबीच, ‘एनइइटी–युजी २०२६’ विवादकेँ भारतभैर विरोध प्रदर्शन जारी अइछ । आन्दोलनक क्रममे सामाजिक अभियन्ता सोनम वाङचुक जन्तर मन्तरमे २६ दिन लम्बा अनशन कएने छल ।
भारत सरकार प्रश्नपत्र चुहावट रोकबाक लेल विशेष फास्ट–ट्र्याक अदालत आ विशेष कार्यदल (एसटीएफ) गठनसहित कड़ा पेपर चुहावट विरुद्धके कानुन अनबाके तैयारी क रहल जनौलक अइछ ।





